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भविष्यफल 2020- भारत

जून :- गोचर में काल सर्प दोष उपस्थित होने के कारण विषम समस्याएं उत्पन्न होंगी l मुस्लिम राज्यों में सिया-सुन्नी के बीच आपसी टकराव व बिखराव की स्थिति उत्पन्न होगी l इजराइल, अफगानिस्तान, ईराक, पाकिस्तान तथा अमेरिका के प्रधान नेता को परेशानियां उत्पन्न होगी l श्रीलंका, जापान, अमेरिका आदि में चक्रवाती तूफान एवं ज्वालामुखी तथा विस्फोट तथा प्राकृतिक आपदा नुकसान पहुंचाएगी l दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों में कहीं - कहीं भयंकर अग्निकांड से जनहानि होगी l रविवार को सूर्य ग्रहण के कारण तापमान में अत्यधिक बढ़ोत्तरी होगी l उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में गर्मी का अत्याधिक असर रहेगा l

जुलाई :- भारत के पूर्वोत्तर भागों में राजनीतिक उथल-पुथल होने की आशंका है l अग्निकांड व विस्फोट, भूकंप से, महंगाई से जनता बेहाल रहेगी l मंत्रीमंडल में परिवर्तन तथा सीमावर्ती प्रांतों में हलचल रहेगी l राजनीतिक लोगों के लिए समय अत्यधिक कष्ट दायी होगा l हत्याकांड तथा विमान दुर्घटनाएं होंगी l यूरोपीय देशों में अकल्पनीय विनाशक घटनाएं उत्पन्न होंगी l सूर्य - राहु के रोग के कारण वर्षा में कमी आएगी l शेयर बाजार अत्यधिक उतार-चढ़ाव युक्त रहेगा l किसी बाहरी शत्रु द्वारा आक्रमण का खतरा उपस्थित रहेगा l

अगस्त :- राजनीतिक क्षेत्रों में अत्यधिक चहल-पहल रहेगी तथा किसी नये युवा नेता के उदय के कारण नया राजनीतिक विकल्प उत्पन्न होगा l आसाम तथा त्रिपुरा आदि क्षेत्रों में समस्या को भारत विरोधी तत्वों का समर्थन प्राप्त होने के कारण स्थिति और बिगड़ जाएगी l सूर्य - शनि के सम सप्तक योग के कारण आतंकी घटनाओं में वृद्धि होगी l चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान से भारत को खतरा उत्पन्न होगा l शनि की दृष्टि मंगल पर होने के कारण भारत को अपनी सीमाओं की सुरक्षा के प्रति अधिक सावधान रहना पड़ेगा l आसाम, बंगाल, बिहार, कर्नाटक आदि में अतिवृष्टि व भूस्खलन संभावित है

सितंबर :- आतंकवादी गतिविधियों के द्वारा दुर्घटना रक्तपात होगा व जन-धन की अत्यधिक हानि होगी l शुक्र-राहु युति के कारण मनोरंजन साधनों की वृद्धि होगी l राहु के कारण यातायात व संचार व्यवस्था में प्राकृतिक कारणों अथवा हड़ताल, विरोधी प्रदर्शन से व्यवधान उत्पन्न होगा l विमान दुर्घटना अथवा प्राकृतिक प्रकोप से धन जन-धन हानि होगी l ईराक, ईरान, पाकिस्तान, अमेरिका, अफगानिस्तान मुख्य रूप से प्रभावित होगें l मंगल के मेष राशि में आने के कारण कहीं-कहीं अग्निकांड तथा विस्फोट द्वारा जन-धन हानि होगी l पूर्वी प्रांतों में प्रलयकारी वर्षा हो सकती है l

अक्टूबर :- पश्चिमी देशों में युद्ध का वातावरण रहेगा l प्राकृतिक प्रकोप के कारण जनता स्थानांतरण के लिए विवश होगी l शनि-राहु का नवम-पंचम योग यूरोपीय देशों में प्राकृतिक आपदा का कारण बनेगा l मंगल शुक्र के षड़ाष्टक योग से महावृष्टि तथा तूफान व सूर्य-राहु, नवम पंचम योग मुस्लिम राष्ट्रों की स्थिति दयनीय कर देगा l पाकिस्तान इस समय सबसे अधिक प्रभावित होगा l

नवंबर :- भूकंप व प्राकृतिक विनाश जारी रहेगा तथा ईशान-कोण स्थित राष्ट्र प्रभावित होंगे l छोटे - मोटे युद्ध आदि संभावित हैं l उत्तर प्रदेश, बंगाल, मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल में परिवर्तन के संकेत हैं l राजनीतिक हालात स्थिर एवं अशांत होंगे, सीरिया, ईराक आदि देश आर्थिक मंदी के कारण दयनीय स्थिति में होंगे l

दिसंबर :- सूर्य-बुध-शुक्र का राहु से योग अरब, रूस, स्वीडन, अमेरिका आदि देशों में नित्य नयी समस्याओं का अंबार लगा देगा l मध्य एशिया के देश तथा भारत, ईरान को पाक की कूटनीति अफगानिस्तान के साथ समस्या उत्पन्न करा सकती है l विश्व के कुछ राष्ट्र अत्यधिक महंगाई से परेशान होंगे l मंगल-शनि का चतुर्थ-दशम सम्बंध स्थिति को और खराब कर देगा l मित्र देशों के साथ संबंध बिगड़ जाएंगे, कुछ देश भारत को धोखा देंगे l एक बार फिर विश्व के देशों में युद्ध स्थिति व गुटबाजी उत्पन्न होगी l

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१. सभी कुछ ठीक होने के बाद भी घर में संतान न होना| २.बिना वजह अस्वस्थ रहना| ३.आर्थिक तथा मानसिक समस्या का रहना| ४.नींद न आना तथा अत्यधिक गुस्सा- चिड़चिड़ापन रहना| ५. पारिवारिक सम्बन्धो में दरार आना| ६.

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