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..चायनीज वायरस, कोविड 19 (कोरोना) पर ज्योतिषीय विश्लेषण

.चायनीज वायरस, कोविड 19 (कोरोना) पर ज्योतिषीय विश्लेषण


चायनीज वायरस कोविड 19 (कोरोना) ने समस्त विश्व को भयभीत कर दिया है। जनमानस में यह जानने की उत्सुकता है कि, आखिर इस वायरस से मुक्ति कब और कैसे मिलेगी और इससे बचाव के साधन क्या हो सकते हैं। इस सिलसिले में ज्योतिषीय गणनानुसार अपना मत प्रस्तुत कर रहा हूँ।


सूर्य का जिस समय मेष राशि में प्रवेश होता है, उसे ज्योतिष में जगत् लग्न प्रवेश के नाम से जाना जाता है। 14 अप्रैल 2019 को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के समय सिंह लग्न व कर्क राशि थी।


कोरोना वायरस के मामले नवम्बर 2019 से सामने आने शुरू हुए थे, किन्तु इनकी भयावह स्थिति जनवरी 2020 से विकराल होना शुरू हुई। 25 मार्च 2020 में विक्रमी सम्वत् 2077 की शुरूआत होते ही भारत में इसका विकराल रूप न बढ़ पाए इसको ध्यान में रखते हुए देश में लाक डाउन की घोषणा कर दी गयी।


ज्योतिष शास्त्र के परिपेक्ष्य में इस विश्वव्यापी महामारी का कारण मुख्य रूप से यमधर्मी ग्रह प्लूटो है। इस पर शोध करने से निष्कर्ष निकलता है कि, जिस प्रकार हर्शल का शनि-धर्म, नेपच्यून का वरूण-धर्म, राहु-केतु का दैत्य धर्म बताया गया है। उसी प्रकार प्लूटो भीतरी दुनिया या पाताल लोक का स्वामी तथा यम धर्मी कहा गया है। इसका गृह मेष और वृश्चिक अर्थात् मंगल की राशियाँ है। यह ग्रह पंचमस्तम्भी है।


प्लूटो का अशुभ परिणाम शनि के साथ संयोग होने पर ही अधिक दृष्टिगोचर होता है।

इस वर्ष 2020 में कर्क लग्न में वर्ष प्रवेश होने के कारण प्लूटो की युति शनि के साथ सप्तम मारक एवं व्यापार भाव में हो रही है। वर्तमान वर्ष प्रवेश कुण्डली के अनुसार सप्तम मारक एवं व्यापार भाव में शनि व प्लूटो की युति होने के कारण विश्वव्यापी मंदी और जनहानि की प्रबल स्थिति बनेगी। शनि की दृष्टि नवम (भाग्य) भाव, लग्न एवं चतुर्थ भाव में होने के कारण जनमानस की सुख सुविधाओं में कमी, धनहानि, जन हानि का भी योग है।


सन् 1914 ई0 में भी शनि प्लूटो की युति हुई थी। जिसके परिणाम स्वरूप, सन् 1914 ई0 में प्रथम महायुद्ध हुआ था। युद्धान्तर्गत समय में जनादि की हानि, कई देशों की हुई, जिससे भारत भी अछूता न बचा था।


जगत् लग्न कुण्डली के अनुसार भी तुला लग्न होने से चतुर्थ भाव में शनि व प्लूटो की युति बनती है, उल्लेखनीय है कि चतुर्थ भाव को पाताल और सुख भाव भी कहा जाता है, यदि इस पर विचार किया जाए तो शनि की दृष्टि छठे दसवें व लग्न भाव पर पड़ती है। छठा भाव मतलब रोग स्थान, दसवां कर्म स्थान और लग्न में दृष्टि होने से क्रमशः रोग वृद्धि, कारोबार में अवरोध और शरीर हानि के योग प्रत्यक्ष बनते हैं। जगत् लग्न कुण्डली के अनुसार भी व्यापार ठप होकर विश्वव्यापी मंदी का प्रत्यक्ष योग बनता है।


मेरी समझ में शनि-प्लूटो की युति मकर राशि पर बनने से, परिवर्तन, युद्ध, महामारीजन्य रोग या गृह कलह (आन्तरिक गृह युद्ध) द्वारा हानि के लक्षण प्रकट होते हैं। चूँकि शनि न्याय के देवता है और प्लूटो के स्वामी यम हैं, अतः शनि की राशि मकर पर प्लूटो का होना इस महामारी का जनक है।


वर्तमान समय में शनि एवं प्लूटो का मकर राशि में योग 25 फरवरी 2020 से प्रारम्भ है, जो कि 28 जून 2020 तक रहेगा। 28 जून को प्लूटो वक्री गति से गुरू की राशि धनु पर चला जाएगा, अतः 28 जून 2020 के बाद कुछ (अल्प मात्रा में) शांति मिलेगी, किन्तु यह शांति अस्थायी होगी।


एक बार पुनः 30 दिसम्बर 2020 को शनि और प्लूटो का योग मकर राशि पर बनेगा, जो कि 29 अप्रैल 2022 तक रहेगा। अतः इस कालखण्ड में विश्व में लगातार, रोग, युद्ध, अशांति व उपद्रव होते रहेंगे। सम्पूर्ण विश्व में विप्लव होगा, कोई भी देश शांति का अनुभव न कर सकेगा।


इस कोरोना महामारी से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं अपने स्तर से बचाव के रास्ते चुनने होंगे। इसके लिए सर्वात्तम उपाय है, आम जन मानस से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना, इसके लिए गिलोय का काढ़ा, हल्दी और दूध, मेथी, दालचीनी, लौंग, इलायची, गाजर, पालक, मूली आदि का समुचित मात्रा में सेवन करते रहें। प्राणायाम, योग आदि से भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।


इसके अतिरिक्त दुर्गासप्तशती में महामारी नाश के लिए दिए गए ‘जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा सुधा नमोऽस्तुते।।’ मंत्र का जाप इस मंत्र का सम्पुट लगा कर करें।‘ ओम् अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनूमांश्च विभीषणः कृपः परशुरामश्च सप्तैतेचिरजीविनः सप्तैतानसस्मरेनित्यं मारकण्डेय तथाष्टमम् जीवेद्वर्षशतम् साग्रमपमृत्युविवर्जितः ओम्।


इस मंत्र का जितना जाप करें उसका दशांश हवन, हवन का दशांश तर्पण, तर्पण का दशांश मार्जन और मार्जन का दशांश कन्या भोज करना चाहिए। कर्मकाण्डीय पंडित देश हित में इसका अनुष्ठान करके देशहित में भागी बन सकते हैं।

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